कुंडली के लिए ज़रूरी तीन जानकारियां
जन्म तिथि से सूर्य, चंद्र और ग्रहों की स्थिति तय होती है। जन्म समय से लग्न तय होता है, जो पहला भाव है, और उसी से बाकी सभी भाव बनते हैं। जन्म स्थान से अक्षांश और रेखांश मिलते हैं, जो तय करते हैं कि उस क्षण वहां से आकाश कैसा दिखता था।
जन्म प्रमाणपत्र या अस्पताल के रिकॉर्ड का समय सबसे भरोसेमंद है। घर के बड़ों से मिला समय दूसरा विकल्प है। समय अनुमानित हो तो परिणाम भी उतना ही अनुमानित मानिए।
पुराने जन्म रिकॉर्ड और समय क्षेत्र
पूरे देश के लिए एक भारतीय मानक समय बाद में लागू हुआ। उससे पहले के जन्म के लिए या स्थानीय समय में दर्ज रिकॉर्ड के लिए शहर का स्थानीय माध्य समय लेना पड़ता है। AnkShakti की कुंडली समय क्षेत्र पूछती है और दिखाती है कि आपकी तिथि और स्थान के लिए कौन सा UTC अंतर लिया गया, ताकि आप उसे देख और बदल सकें।
कुंडली बनने के बाद क्या मिलता है
उत्तर या दक्षिण भारतीय शैली में चार्ट, हर ग्रह की राशि, अंश, भाव और नक्षत्र पद सहित तालिका, नवांश D9 चार्ट, और विंशोत्तरी दशा की समय रेखा। साथ में मंगल दोष, काल सर्प दोष और साढ़ेसाती जैसी जांच भी मिलती है, हर एक के साथ वह नियम जिससे निर्णय हुआ।
परिणाम सही है या नहीं, कैसे जांचें
पहले चंद्र राशि और नक्षत्र देखिए। ये धीरे बदलते हैं, इसलिए पुरानी कुंडली से मेल खाने चाहिए। फिर लग्न देखिए। दो प्रोग्राम में लग्न अलग आए तो आमतौर पर कारण जन्म समय या समय क्षेत्र होता है।
कुछ कला (आर्क मिनट) का अंतर सामान्य है। यह अयनांश और राहु की गणना से आता है। AnkShakti लाहिरी अयनांश और माध्य राहु उपयोग करता है।
अपनी कुंडली बनाइए
आम सवाल
- क्या ऑनलाइन कुंडली ज्योतिषी जितनी सही होती है?
- ग्रहों की स्थिति वही खगोल गणित देता है। ज्योतिषी का योगदान फलादेश में होता है, गणना में नहीं। गणना उतनी ही सही है जितना आपका जन्म समय और स्थान।
- क्या सटीक जन्म समय ज़रूरी है?
- लग्न और भावों के लिए हां। समय के बिना भी सूर्य और चंद्र राशि, नक्षत्र और दशा मिल जाती हैं, लग्न और भाव नहीं।
- क्या मेरी जानकारी सेव होती है?
- नहीं। AnkShakti पर कुंडली आपके ब्राउज़र में बनती है। तिथि, समय और चार्ट अपलोड नहीं होते।